ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु एक बार फिर सुर्खियों में है। पुल के फुटपाथ पर लगाया गया पारदर्शी कांच दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कांच में कई जगह दरारें पड़ने के बाद प्रशासन ने एहतियातन दोनों ओर से आवाजाही रोक दी है।

यह पहली बार नहीं है जब कांच टूटा हो, इससे पहले भी दो बार इसी तरह नुकसान हो चुका है और हर बार निर्माण कंपनी को इसे बदलना पड़ा। बावजूद इसके, समस्या जस की तस बनी हुई है।
उदघाटन से पहले ही खामी उजागर
करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है। दोनों ओर करीब डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े फुटपाथ पर 65 मिमी मोटा कांच लगाया गया है। हैरानी की बात यह है कि पुल का अभी तक औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ, लेकिन पिछले दो महीनों से यहां स्थानीय लोग और पर्यटक बेधड़क आवाजाही कर रहे हैं।
सुरक्षा मानक नहीं, सेल्फी का क्रेज भारी
विभाग की ओर से अभी तक यह तय नहीं किया गया है कि कांच वाले फुटपाथ पर कितने लोगों को एक साथ चलने की अनुमति होगी। न ही वहां कोई निगरानी तंत्र मौजूद है। ऐसे में पर्यटक बड़ी संख्या में कांच पर खड़े होकर फोटो और सेल्फी ले रहे हैं, जिससे जोखिम और बढ़ गया है।
पहले भी हो चुका है हादसा
3 जनवरी 2026 को भी सेल्फी प्वाइंट के पास कांच टूटने की घटना सामने आई थी। उस समय भी बड़ी दुर्घटना टल गई थी। अब फिर वही स्थिति बनने से स्थानीय लोग नाराज हैं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।
लक्ष्मण झूला पुल बंद होने के बाद बना विकल्प
गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2022 को ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल को सुरक्षा कारणों से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया था। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट में पुल की तारों को जर्जर बताया गया था और चेतावनी दी गई थी कि भारी आवाजाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी के बाद बजरंग सेतु का निर्माण शुरू किया गया, ताकि आवाजाही का सुरक्षित विकल्प तैयार किया जा सके।
