रेयर अर्थ कॉरिडोर: एक रणनीतिक पहल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उद्देश्य:- आयात पर निर्भरता कम करना और महत्वपूर्ण खनिजों में घरेलू क्षमता विकसित करना। खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और निर्माण के साथ स्थायी मैग्नेट पर विशेष जोर। •रेयर अर्थ क्यों हैं महत्वपूर्ण :- रेयर अर्थ खनिज 17 तत्वों का समूह हैं, जिनका उपयोग होता है: इलेक्ट्रिक वाहन और पवन टर्बाइन , स्मार्टफोन और सेमीकंडक्टर रक्षा उपकरण और उच्च-स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स चीन वैश्विक शोधन (रिफाइनिंग) में अग्रणी है और उसने निर्यात नियंत्रण सख्त किए हैं। प्रस्तावित कॉरिडोर वैश्विक आपूर्ति झटकों से भारतीय उद्योग की सुरक्षा करेंगे। •इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण को बढ़ावा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट ₹22,999 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया गया। •नई पहलें:- ISM 2.0 रेयर अर्थ कॉरिडोर समर्पित केमिकल पार्क इससे स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी। •चुनावी राज्य और केमिकल पार्क:- तमिलनाडु और केरल, जहां इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, विशेष फोकस में। दोनों राज्यों में मोनाज़ाइट युक्त तटीय रेत मौजूद है, जो रेयर अर्थ के लिए अहम है। बजट में चैलेंज-आधारित, प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर तीन केमिकल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव। •समग्र दृष्टि यह पहल भारत को आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित करने, पूंजीगत वस्तु निर्माण को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धीबनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
